अफसरों की वजह से शिक्षाकर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:
नाफरमानी से परेशान पंचायत विभाग ने जारी किया कड़ा पत्र
रायपुर (जसेरि)। सरकार की मंशा पर अफसर कैसे पलीता लगाते हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण शिक्षाकर्मी है। शिक्षाकर्मी को महीनों से तनख्वाह नहीं मिली। शिक्षाकर्मी सरकार को हर जगह कोस रहे हैं, लेकिन हकीकत ये है कि जिलों के अफसरों की तरफ से ही वेतन व भत्तों के संदर्भ में विभाग को जानकारी नहीं भेजी रही है। इस बात का खुलासा पंचायत विभाग के उस पत्र से हुआ है, जिसमें जिलों के सीईओ को पंचायत विभाग ने फटकार लगाते हुए कड़ा निर्देश जारी किया है।
कई महीनों से वेतन न मिलने से परेशान शिक्षाकर्मियों ने सोशल मीडिया के जरिए शासन-प्रशासन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है जिसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों को भी हो चुकी है और अब पंचायत विभाग ने इस गलती को सुधारने की तैयारी शुरू कर दी है । इसके लिए स्वयं पंचायत संचालक 11 जून को प्रदेश के सभी जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। दरअसल 26 अप्रैल को पंचायत विभाग ने सभी जिला पंचायत सीईओ को पत्र भेजकर शिक्षाकर्मियों के वेतन भत्ते के लिए निर्धारित प्रपत्र में भेजकर मांगपत्र उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन जिलों ने पंचायत विभाग के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। अधिकारियों ने वास्तविक गणना करना उचित नहीं समझा और न ही निर्धारित प्रपत्र में भेजने का उन्हें ख्याल रहा, उनके द्वारा ऐसी ही जानकारी सामान्य तौर पर संचालनालय को उपलब्ध करा दी गई, जिसे लेकर पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों में नाराजगी है। पंचायत विभाग की ओर से वित्त विभाग के संयुक्त संचालक जेपी तिवारी ने पत्र जारी करते हुए अब सभी सीईओ को निर्देशित किया है कि विभाग द्वारा जारी पत्र में वास्तविक गणना कर जिले के प्रभारी अधिकारी दस्तावेज के साथ बैठक में उपस्थित हों। पंचायत विभाग ने सीईओ की इस नाफरमानी को बेहद गंभीरता से लिया है। पंचायत विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने सभी सीईओ पर नाराजगी जताते हुए एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि 11 जून को बैठक होने जा रही है, जिसमें अधिकारी निर्धारित प्रपत्र में गणना कर प्रपत्र के साथ शामिल हों। बैठक में डीपीई के अफसर भी मौजूद होंगे।
पत्र में इस बात का भी निर्देश दिया गया है कि राज्य सरकार के निर्देश के मुताबिक हर महीने की 5 तारीख को डायरेक्टरेट में व्यय पत्रक को भेजने का निर्देश भी दिया गया है।