अपने आपको तुर्रमखां समझने वाले जेल के दरवाजे पे खड़े हैं: सीएम

जनता से रिश्ता वेबडेस्क
कूटरचना करने वाले पर कारवाई जारी
जसेरि रिपोर्टर
भिलाई/पाटन। छतीसगढ़ विप्र समाज पाटन द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अभिनंदन किया गया। समारोह की अध्यक्षता समाज के प्रांताध्यक्ष विनय तिवारी ने की। विशेष अतिथि शिव कुमार पांडेय थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बदला लेने का समय निकल गया पर गलत करने वाले को सजा मिलेगी। सबको लूटने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। गलत लोगों के मुखिया को सजा दो, सब सुधर जाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढि?ा बेटा की ताकत अभी किसी ने देखा कहां है। अभी तो फाइल से धूल हटी है। जो अपने आप को तुर्रमखां समझ रहा था उसे निलंबित कर दिया। व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो कानून से बड़ा कोई नही है। कूटरचना करने वाले पर कारवाई जारी है।
जोगी की मदद से 15 मिल गई नहीं तो भाजपा को 3 सीट मिलती
भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जोगी के भरोसे चुनाव जीतते आ रही थी।जोगी को कांग्रेस से निकलते ही भाजपा 15 सीट में सिमट गई। इस बार भाजपा को जोगी की मदद मिली,इसलिए 15 सीट पा लिया अन्यथा 3 सीट पर सिमट जाती। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय हमारी ताकत है हमारी आराध्य है उसकी दुर्गति हो रही है। केवल गोवर्धन पूजा के दिन ही पूजा करते है और उसका झूठा खाते हैं। बाकी के 364 दिन हम गाय को अपना जूठा खिलाते हैं। इसलिए हमारी सरकार ने गायों को सम्मान देने कदम उठाया है।
पहली बार कोई सीएम गांव की ओर चला है
विशेष अतिथि शिव कुमार पांडेयने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री गांव की ओर चला है। गांव की मूलभूत जरूरत नरवा, घुरुवा, गरुवा एवं बारी के बारे में विचार किया है। अब लग रहा है कि छतीसगढ़ का स्वाभिमान वापस आया है। डॉ एचएन दुबे ने कहा कि ब्राम्हण समाज हमेशा शिक्षा के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए सक्रिय रहा है। एक छत्तीसगढि?ा मुख्यमंत्री बनने से प्रदेश में शिक्षा को और भी बढ़ावा मिलेगा। स्वागत भाषण समाज के ब्लाक अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने दिया। इस अवसर पर समाज के बुजुर्गों का शाल श्रीफल से सम्मान किया गया ।
विप्र समाज ने सौंपा ज्ञापन
विप्र समाज ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर अपनी मांग रखी। जिसमे वर्तमान भवन के विस्तार के लिए 25 लाख की मांग की। शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर वेद उपनिषद को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रयास करने की मांग की। साथ ही ट्रस्ट द्वरा संचालित मंदिरों के पुजारियों का मानदेय 3100 रुपए घोषित करने की मांग रखी।
शिक्षाकर्मियों की चिंता है धैर्य
रखें,मांग पूरी होगी
मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों की मांगों को पूरा करने की बात भी विप्र समाज के मंच से दोहराई। कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष यहां बैठे हैं। मैं बताना चाहूंगा कि सरकार शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर गंभीर है। वो चिंता न करें। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेश किए गए बजट में कुछ कारणवश शिक्षाकर्मियों के संबंध में कोई निर्णय नही लिया गया है। इसके चलते शिक्षाकर्मियों ने नाराजगी जाहिर की। सोशल मीडिया में शिक्षाकर्मियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कई पोस्ट भी किए। सरकार सभी वर्ग का ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में शिक्षाकर्मियों की मांगों पर निर्णय लिया जाएगा।
संगीत विवि की मंडली ने भजन पेश किया
इस अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से आई सुरेश दुबे की भजन मंडली ने भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भास्कर सावर्णि,दौवा शर्मा,अजय तिवारी,कृष्णा पाठक,कैलाश शर्मा,जितेन्द्र शर्मा,जितेंद्र पांडेय,संजय पांडेय, कृष्णा तिवारी, विजय पाण्डेय,राजा शर्मा,राजा पाठक, दीपक शर्मा,अखिलेश मिश्रा,संदीप मिश्र, अंचल पांडेय,रत्न शर्मा,ललित मिश्रा, आशीष तिवारी, शशि मिश्रा, मंजु मिश्रा, इंदिरा मिश्रा, रौशनी मिश्रा, सविता तिवारी समेत समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मोहित शर्मा व आभार प्रदर्शन योगेश शर्मा ने किया।