अदालत ने स्पर्म डोनेट करने वाले व्यक्ति को ही 11 वर्षीय बच्ची का असली पिता करार दिया

जनता से रिश्ता वेबडेस्क: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में एक अदालत ने स्पर्म डोनेट करने वाले व्यक्ति को ही 11 वर्षीय बच्ची का असली पिता करार दिया है। अदालत ने कहा कि स्पर्म डोनर करने वाले को वे सभी अधिकार होंगे, जिनसे वह बच्चे का भविष्य तय कर सके।रॉबर्ट (बदला हुआ नाम) ने बच्ची के कानूनी पिता का दर्जा हासिल करने के लिए करीब पांच साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है, तब जाकर वह असली पिता बना पाया है।

क्या है मामला

49 वर्षीय रॉबर्ट ने अपनी एक समलैंगिक दोस्त को वर्ष 2006 में इस भरोसे के साथ स्पर्म डोनेट किए थे कि वह बच्चे के जीवन में अहम भूमिका निभा सकता है। बच्ची के जन्म प्रमाण-पत्र पर भी रॉबर्ट का नाम है। इस मामले में विवाद तब पैदा हुआ, जब वर्ष 2015 में बच्ची की मां ने अपनी समलैंगिक पार्टनर के साथ न्यूजीलैंड जाने का फैसला किया। रॉबर्ट ने बच्ची की मां के इस फैसले के खिलाफ निचली अदालत में याचिका लगाई थी। निचली अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद फैसले में कहा था कि बच्ची पर केवल उसकी मां का अधिकार है। रॉबर्ट ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर हाईकोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की जज मारग्रेट क्लेरी ने कहा कि निचली अदालत का फैसला गलत था।

रॉबर्ट को भविष्य तय करने का अधिकार

जज क्लेरी ने आगे कहा कि रॉबर्ट को बच्ची का भविष्य तय करने का पूरा अधिकार है। मां को बच्ची के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहना होगा, जिससे राबर्ट को बच्ची से मिलने में परेशानी न हो। हालांकि, यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी है कि क्या इस फैसले को भविष्य के लिए एक नजीर माना जाएगा।

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