अचानक गरमाना श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत का मामला, BJP का निशाना दूर तलक

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- भारतीय जनता पार्टी(BJP) ने जनसंघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत के मामले को फिर गरमा दिया है. बीते 23 जून को बलिदान दिवस के मौके पर बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुखर्जी की मौत को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत के मामले में जांच का आदेश नहीं देने का आरोप लगाया. नड्डा ने कहा कि पूरा देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत की जांच की मांग कर रहा था. मगर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जांच पड़ताल का आदेश नहीं दिया था. इतिहास इसका गवाह है, लेकिन डॉ. मुखर्जी का बलिदान बेकार नहीं जाएगा.

नड्डा के इस बयान के अब सियासी गलियारे में निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं. नड्डा के बयान से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जम्मू-कश्मीर में 23 जून 1953 में हुई संदिग्ध हालात में मौत का मामला फिर चर्चा में आ गया. कांग्रेस ने भी इसका जवाब देते हुए मामला गरमा दिया. कांग्रेस नेता मीम अफजल ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी मामले की पूरी जांच की गई थी. बीजेपी गड़े मुर्दे उखाड़ कर क्या हासिल करना चाहती है? अगर बीजेपी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर प्रतिबद्ध है तो उसने अभी तक इस मामले की छानबीन क्यों नहीं करवाई?

मुखर्जी की मौत पर राजनीति के सवाल को बीजेपी के सूत्र खारिज करते हैं. उनका कहना है कि चूंकि बलिदान दिवस था. ऐसे में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संदिग्ध मौत के मुद्दे पर चर्चा क्यों न हो. इसमें कोई राजनीति नहीं है. हालांकि कहा जा रहा है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बहाने बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की जनता की भावनाओं को छूने की कोशिश की है. दरअसल, पश्चिम बंगाल से निकलकर राष्ट्रीय पहचान गढ़ने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी उन बंगाली अस्मिता के प्रतीकों में हैं, जिन पर आज भी पश्चिम बंगाल का बड़ा तबका नाज करता है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस मुद्दे को गरमाकर 2021 के विधानसभा चुनाव में लाभ पाने की कोशिश है. एक तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बहाने बीजेपी बंगाली अस्मिता के मामले में तृणमूल कांग्रेस से कहीं ज्यादा बड़ी लकीर खींचने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस पर आरोप लगाकर उसका पश्चिम बंगाल में बचा-खुचा जनाधार भी अपनी तरफ खींचने में जुटी है.

जयंती पर शुरू होगा सदस्यता अभियान

भारतीय जनता पार्टी ने छह जुलाई से देश भर में राष्ट्रीय सदस्यता अभियान शुरू करने की तैयारी की है. छह जुलाई श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती होती है. इससे पता चलता है कि बीजेपी की राजनीति में जनसंघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कितना योगदान है. बीजेपी ने मुखर्जी की छह जुलाई की जंयती को सदस्यता अभियान के लिए एक प्रतीक के तौर पर चुना है. बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पश्चिम बंगाल में कई प्रकल्प शुरू करने की तैयारी में है. ताकि नई पीढ़ी उनके कार्यों से वाकिफ हो सके.

बीजेपी बताएगी कि कैसे उनके प्रयासों से पश्चिम बंगाल और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना रहा. नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए जेपी नड्डा ने भी इस बात के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने अपने जीवन में जो कार्य किए वो उस समय से बहुत आगे के थे. देश डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सदैव स्मरण करता रहेगा.