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कोरोना वैक्सीन लगने के बाद मौतों की जांच की मांग, याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को हुआ राजी

jantaserishta.com
26 Nov 2021 11:04 AM GMT
कोरोना वैक्सीन लगने के बाद मौतों की जांच की मांग, याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को हुआ राजी
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नई दिल्ली: कोविड वैक्सीन के बाद मौतों की जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने को तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को याचिका की प्रति देने को कहा. कोर्ट ने कहा कि हमारा वैक्सीन ड्राइव पर संदेह करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन हमारे मन में कुछ है.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम एक अभूतपूर्व महामारी से गुजर रहे हैं जो हमने कभी अपनी जिंदगी में नहीं देखी. हम इस मौके पर वैक्सीन को लेकर संदेह नहीं कर सकते. मौतों की अविश्वसनीय संख्या जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. हम यह संदेश नहीं भेजना चाहते कि वैक्सीन में कुछ समस्याएं हैं. कोर्ट ने कहा कि हम वैक्सीन के संबंध में संदेह पैदा नहीं कर सकते. यहां तक ​​कि WHO ने भी वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने को कहा है.
कोर्ट ने कहा कि कोविड वैक्सीन के बाद भी यदि मौत होती है तो फिर जांच की जरूरत है. शोध उद्देश्यों के लिए यह देखने की जरूरत है कि क्या वैक्सीन का कोई प्रतिकूल प्रभाव है. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद प्रत्येक मृत्यु में वैक्सीन का योगदान नहीं कहा जा सकता है. ऐसी मौतों और वैक्सीन के बीच कोई संबंध नहीं हो सकता है.
दरअसल, याचिकाकर्ता ने बढ़ती मौतों और COVID वैक्सीनेशन के बाद 30 दिनों के भीतर होने वाली मौतों के मामलों की जांच के निर्देश देने को याचिका दाखिल की है. याचिकाकर्ता के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद प्रतिकूल घटनाएं हुई हैं. अन्य देशों के विपरीत भारत में इसे रिपोर्ट किया गया. लगभग 980 लोगों की मौत हुई जो अविश्वसनीय आंकड़ा है. इंटरनेट के मुताबिक 9700 मौतें हुई हैं. यदि वैक्सीन लेने के बाद किसी की मौत हो जाती है, तो कोई उचित जांच या शव परीक्षण नहीं किया जाता है. खून के थक्के जमने की शिकायतें मिली हैं. याचिका दायर करने के समय देश भर में टीकाकरण के बाद ऐसी 900 मौतें हुई थीं.
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