पश्चिम बंगाल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट छोड़ने, मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय खरदा से चुनाव लड़े

Nidhi Singh
2 Nov 2021 4:26 AM GMT
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट छोड़ने, मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय खरदा से चुनाव लड़े
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देश में तीन लोकसभा सीटों और 29 विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर को हुए उपचुनाव के लिए मतगणना मंगलवार को हो रही है

कोलकाता

देश में तीन लोकसभा सीटों और 29 विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर को हुए उपचुनाव के लिए मतगणना मंगलवार को हो रही है। इनमें से पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों दिनहाटा, नदिया की शांतिपुर, उत्तर 24 परगना की खरदा और दक्षिण 24 परगना जिले की गोसाबा पर उपचुनाव के रिजल्ट सोमवार को आएंगें।
दिनहाटा में तृणमूल कांग्रेस के नेता उदयन गुहा इस सीट से फिर से चुनाव लड़े हैं। अप्रैल में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह सीट जीती थी। निसिथ प्रमाणिक के इस्तीफे के कारण दिनहाटा में उपचुनाव की आवश्यकता हुई। प्रमाणिक अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल की विधानसभा में विपक्ष में बैठने के बजाय अपनी लोकसभा सदस्यता बनाए रखने का समर्थन किया था।
दिनहाटा विधानसभा सीट का रिजल्ट
दिनहाटा से दो बार के विधायक रहे गुहा भाजपा के अशोक मंडल के खिलाफ मैदान में हैं, जिन्होंने 2006 में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उस समय फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार रहे गुहा को हराया था। शांतिपुर सीट पर उपचुनाव भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार के इस्तीफे के कारण हो रहा है, जिन्होंने भी अपनी लोकसभा सदस्यता बनाए रखने के लिए विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
ममता के लिए छोड़ी थी सीट अब खरदा पर दांव
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट छोड़ने वाले राज्य के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय खरदा से चुनाव लड़े हैं। उनका रिजल्ट सोमवार को आएगा। यहां तृणमूल की काजल सिन्हा की कोविड -19 के कारण मृत्यु हो गई थी। सुंदरबन में भी कोविड-19 के कारण तृणमूल नेता जयंत नस्कर की मृत्यु के कारण उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।
टीएमसी की कोशिश
पश्चिम बंगाल में, टीएमसी नेता उदयन गुहा दिनहाटा सीट पर फिर से जीत हासिल करना चाह रहे हैं, जिसे भाजपा ने गत अप्रैल के चुनाव में उनसे छीन लिया था।
उपचुनाव निसिथ प्रमाणिक के इस्तीफे के बाद कराया गया जो अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं क्योंकि उन्होंने अपनी लोकसभा सदस्यता बरकरार रखने का फैसला किया था।
दिनहाटा और शांतिपुर बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा
दिनहाटा और शांतिपुर उपचुनाव को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है, जो वर्तमान में विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़कर जाने से जूझ रही है। भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने शांतिपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
पश्चिम बंगाल में 4 विधानसभा सीटों के उपचुनाव हुए थे। नतीजे बताएंगे कि राज्य पर टीएमसी की पकड़ मजबूत होती जा रही है या बीजेपी के पांव अभी पूरी तरह उखड़े नहीं हैं। बीजेपी अपनी स्थिति और मजबूत कर यह संदेश देना चाहेगी कि अभी वह राज्य में बड़ी ताकत है।
टीएमसी ने सत्ता में की थी वापसी
मई महीने में सत्ता में वापसी के बाद टीमएसी ने बीजेपी को कमजोर करने की पूरी कोशिश की है। अगर उपचुनाव में भी बीजेपी का कमजोर प्रदर्शन बरकरार रहा तो पार्टी में और भगदड़ मच सकती है। अगर टीएमसी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई तो बीजेपी को पलटवार करने का मौका मिल सकता है।
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