
Odisha ओडिशा: राज्य में आयुष्मान स्कीम के तहत मरीजों को मिलने वाले लाभों को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने एक अहम घोषणा की है। अब अस्पताल में भर्ती होने से पहले किए जाने वाले मेडिकल टेस्ट भी इस योजना के दायरे में शामिल किए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक किए गए किसी भी डायग्नोस्टिक टेस्ट का खर्च आयुष्मान योजना के अंतर्गत कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नियम का पालन सुनिश्चित करना सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी होगी।
मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी अस्पताल इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में यह शिकायत मिली थी कि प्राइवेट अस्पताल एडमिशन से पहले किए गए टेस्ट को योजना में शामिल नहीं कर रहे थे, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों को इन नई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम से मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया है। यह समिति समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आयुष्मान योजना के नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार को इस संबंध में कई शिकायतें मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लिया गया।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस नए प्रावधान से मरीजों को राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसा भी मजबूत होगा। अब निगरानी व्यवस्था को और कड़ा करते हुए हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।





