छत्तीसगढ़

अंधड़ से नहीं गिरा था टावर, चोरों ने की थी ये करतूत

Shantanu Roy
14 May 2022 5:44 PM GMT
अंधड़ से नहीं गिरा था टावर, चोरों ने की थी ये करतूत
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छग

बिलासपुर। अंधड़ के कारण शुक्रवार की शाम कानन पेंडारी जू से लगे पेंडारी गांव के पास टावर गिरने की घटना चोरों की करतूत की वजह से हुई। घटना के बाद जब बिजली टांसमिशन कंपनी के अधिकारियों ने जांच की तो उनके होश उड़ गए। टावर से 16 से अधिक लोहे के एंगल गायब थे। इसके कारण टावर कमजोर हुआ और अंधड़ से नीचे का हिसाब मुड़कर सीधे जमीन पर आ गिरा। कंपनी ने इस मामले की शिकायत सकरी थाने में दर्ज कराई है।

घटना शुक्रवार शाम की है। चकरभाठा से कोटा तक गई 132 किलोवाट की हाईटेंशन लाइन का टावर अंधड़ से गिर गया। इतना मजबूत टावर का इस तरह गिरने से कंपनी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा होने लगा था। सूचना मिलते ही टांसमिशन व वितरण कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी रात में मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा होने व संसाधन के अभाव के कारण लौट गए।
सुबह पहुंचकर सबसे पहले गिरे टावर की जांच की गई तो वेल्डिंग के ऊपरी हिस्से के 16 एंगल गायब थे। चोरों ने नट-बोल्ट खोलकर चोरी कर ले गए थे। यह नियमित निगरानी नहीं होने का नतीजा है। चोर एक दिन में इतने एंगल चोरी नहीं कर सकते। टांसमिशन कंपनी की कमजोर पेट्रोलिंग का नतीजा है। यदि बेहतर निगरानी रहती तो शायद चोरी की घटना पहले ही पकड़ में आ जाती।
24 घंटे में खड़ा किया नया टावर, गांवों में लौटी बिजली
राहत की बात यह है कि गिरे इस 90 फीट ऊंचे ईएचटी (अति उच्चदाब) टावर को पावर कंपनी ने 24 घंटे में ही खड़ा कर लिया। सामान्य तौर पर इसे खड़ा करने में दो से तीन दिन का समय लगता है। पावर ट्रांसमिशन कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के बेहतर तालमेल की वजह से शनिवार शाम 7:54 बजे ही 70 गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर ली गई।
मालूम हो कि घटना के बाद से बिलासपुर के साथ-साथ रायपुर मुख्यालय के हड़कंप मचा हुआ था। ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक उज्जवला बघेल एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक मनोज खरे लगातार मौके पर मौजूद अधिकारियों से संपर्क उनसे स्थिति का जायजा ले रहे थे। मालूम हो कि भिलाई से चार टन वजन का नया टावर खड़ा करने के लिए गाड़ी रवाना की गई।
इसमें 120 बड़े एंगल और नट बोल्ट थे। दोपहर एक बजे यह गाड़ी मौके पर पहुंची। इन्हें व्यवस्थित तरीके से नंबरिंग के आधार पर खड़ा किया गया। शाम सात बजे तक टावर खड़ा हो गया। जिसके बाद कंडक्टर लगाया गया। इस कार्य में डिस्ट्रीब्यूशन एवं ट्रांसमिशन कंपनी के 125 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लगातार जुटे रहे।
दोपहर में वैकल्पिक व्यवस्था से विद्युत आपूर्ति
सबसे पहले वैकल्पिक व्यवस्था करके 70 गांवों में दोपहर एक बजे तक विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। लोरमी के कबराटोला और तिफरा स्थित 132 केवी उपकेंद्र से प्रभावित 33 केवी के 11 उपकेंद्रों तक बिजली पहुंचाई गई।
अप्रैल में 10 टन से अधिक लोहा चोरी
बिजली टावर से एंगल चोरी होने की यह पहली घटना नहीं है। बिजली कंपनी के अधिकारियों की माने तो यह घटना आए दिन होती रहती है। अप्रैल महीने में ही बिलासपुर जिले में 10 टन टावर में लगे लोहा चोरी हुए हैं। ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र दीक्षित ने बताया कि सभी मामलों की शिकायत थाने में दर्ज है। इसके अलावा आइजी व एसपी से मुलाकात कर इस पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं।
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