छत्तीसगढ़

प्रदेश को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त बनाने की योजना

Shantanu Roy
30 April 2022 3:38 PM GMT
Plan to make the state cataract blind
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छग

रायपुर। राज्य में मोतियाबिंद की वजह से किसी की दृष्टि न छिन जाए, इस हेतु स्वास्थ्य विभाग के अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा वर्ष 2022-23 में ज्यादा से ज्यादा मोतियाबिंद ऑपरेशन कर प्रदेश में दृष्टिहीनता के प्रकरणों में कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्य में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दृष्टिदोष रोगियों की विकसखंड स्तर पर सूची तैयार कर नेत्र सहायक अधिकारियों के माध्यम से मरीजों की पुष्टि कर मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के लिए चिन्हाकित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया की प्रदेश में वर्ष 2020-21 में शासकीय व प्राइवेट अस्पतालों को मिलाकर कुल 41 हजार 874 मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए थे वहीँ वर्ष 2021-22 में 85 हजार 178 ऑपरेशन किए गए हैं। वर्ष 2017-18 में प्रदेश में जहाँ 8 हजार 844 मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का शासकीय अस्पतालों में सफल ऑपरेशन किया गया था वह वर्ष 2021-22 में बढ़कर 16 हजार 295 हो गया है| इस तरह प्रदेश में शासकीय अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।

डॉ मिश्रा ने बताया की प्रदेश में अब मोतियाबिंद के उपचार की अत्याधुनिक तकनीक "फेको" के माध्यम से मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जा रहा है | इस तकनीक में किसी प्रकार के चीरे की आवश्यकता नहीं होती । ऑपरेशन की इस विधि के दौरान आंख में महज एक बारीक छेद किया जाता है, जिसके माध्यम से मोतिया को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है और इसी के माध्यम से ही फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।
प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों में "फेको" तकनीक से मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है जिसमें जिला अस्पताल बीजापुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार, बैकुंठपुर (कोरिया), कोंडागाँव, धमतरी, मुंगेली, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़, राजनांदगांव, रायपुर, एवं बिलासपुर शामिल हैं। वर्ष 2023 तक राज्य के सभी जिलों में यह सुविधा उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन सभी शासकीय अस्पतालों में उच्च गुणवत्ता के लेंस के साथ, शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मोतियाबिंद के मरीजों का सफल और सुरक्षित ऑपरेशन किया जाता है।
ऑपरेशन उपरांत मरीजों की नियमित फालोअप के साथ निःशुल्क दवा और चश्मा भी प्रदान किया जाता है। प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों में आयुष्मान योजना की सुविधा उपलब्ध है । उन्होंने बताया की वर्ष 2021-22 में प्रदेश में ग्लॉकोमा के 5 हजार 69 मरीजों का एवं डाइअबेटिक रेटिनो पात्र के 8 हजार 667 मरीजों की पहचान कर निःशुल्क उपचार किया गया और 23 हजार 731 चश्मा बच्चों को तथा 46 हजार 741 चश्मा वयस्कों को इस तरह कुल 70 हजार 472 निःशुल्क चश्मा वितरण किए गए |
प्रदेश के पांच नेत्र सर्जन जिन्होंने एक हजार से अधिक ऑपरेशन किए उन्हें किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ द्वारा की गई समीक्षा बैठक में प्रदेश में पांच नेत्र सर्जन जिन्होंने वर्ष 2021-22 में एक हज़ार से अधिक मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशन किए उन्हें सम्मानित किया गया | डॉ.राजेश सूर्यवंशी, ज़िला अस्पताल धमतरी, डॉ.सरिता थॉमस, ज़िला अस्पताल बस्तर, डॉ.कल्पना मीना, जिला अस्पताल कोंडागांव, डॉ. आरएस सेंगर,जिला अस्पताल कोरिया, डॉ.जेएस खालसा, जिला अस्पताल धमतरी को बैठक के दौरान एक हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जाने पर सम्मानित किया गया |
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