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मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से रहीम हुआ कुपोषण से मुक्त

jantaserishta.com
13 May 2022 4:45 AM GMT
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से रहीम हुआ कुपोषण से मुक्त
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बीजापुर: आज के इस दौर में कुपोषण एक गंभीर समस्या बना हुआ है कुपोषण से निजात दिलाने हेतु शासन स्तर से कई ऐसी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे कुपोषण को दूर करने में काफी कारगर है। जैसे मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान आंगनबाडी केन्द्रो के माध्यम से संचालित किया जा रहा है मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान दौरान अतिरिक्त पौष्टिक आहार, र्फोटिफाईड, मूंगफल्ली, चिक्की, पौष्टिक बिस्कीट, अण्डा एवं गरम भोजन, मोरेगाबार आदि सब से आंगनबाडी केन्द्रों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

एकीकृत बाल विकास परियोजना बीजापुर के सेक्टर धनोरा अंतर्गत आंगनबाडी केन्द बोरजे स्कूलपारा मे दर्ज बालक बालक बालिका का वजन प्रति दिवस लिया जाता हैए इसी से वजन लिये बच्चों को कुपोषण स्तर को मापा जाता था। साथ ही कुपोषण से प्रभावित बच्चे का चिन्हांकन किया जाता है। इस दौरान बालक रहीम कुडियम को कुपोषित बच्चें के रूप में आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा चिन्हांकित किया गया। बालक रहीम कुडियम का जन्म से ही कमजोर था। बच्चे का जन्म 10 अप्रैल 2018 को हुआ जन्म के समय रहीम कुडियम का वजन 2.500 किग्रा था जो कि काफी कम होने के कारण बालक गंभीर कुपोषित था। बालक रहीम कुडियम पिता दिनेश कुडियम माता सुंगती कुडियम का प्रथम पुत्र है। कार्यकर्ता ईश्वरी मोरला द्वारा बच्चें की स्थिति को बताने पर श्रीमती सुंगती काफी परेशान हो गई। इस पर आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा गृह भेट के दौरान बालक रहीम कुडियम की माता श्रीमती सुंगती कुडियम को शीघ्र स्तनपान, सतत स्तनापन 6 माह तक लगातार कराने एवं 6 माह के बाद स्तनपान के साथ ही उपरी आहार व स्वच्छता, टीकाकरण के बारे में समयण्समय पर जानकारी दी गई बालक रहीम की माता को कार्यकर्ता के द्वारा समझाया गया। कुपोषण के खिलाफ लडाई में पोषण पुर्नवास केन्द्रो की बडी भूमिका हैए बालक को पोषण केन्द्र में को भर्ती की गई पोषण केन्द्र में 15 दिवस भर्ती के दौरान बालक के उचित देखरेख और संतुलित आहार खान-पान सही तरीके के कराने की सलाह दी गई। 2-2 दिन के अंतराल में आंबनबाडी कार्यकर्ता द्वारा बालक रहीम कुडियम की हालचाल जानने पोषण पुर्नवास केन्द्र जाती थी। इस सब के दौरान बच्चें के स्वास्थ्य में काफी सुधार आया। 15 दिवस बाद पोषण पुर्नवास केन्द्र से घर वापसी के बाद आंगनबडी कार्यकर्ता ईश्वरी मोरला एवं मितानित अनिता जुमार एवं वालेंटियर द्वारा बच्चे की माता को घर पर ही पोषण बाडी तैयार करने को कहा गया। बालक रहिम की मां को आंगनबडी कार्यकर्ता के द्वारा बताया गया कि बच्चे को और मां को रोज आंगनबडी केन्द्र आना है। जिससे प्रभावित होकर रहीम की माताण्पिता ने घर मे ही पोषणबाडी बनायें आज घर की बाडी का सब्जी रोज के खाना मे उपयोग किया जा रहा है। आज वर्तमान में रहीम कुडियम 14 किग्रा है जो सामान्य मे है। आज अपने बच्चे की स्थिति मे सुधार को देखते हुए बच्चें के माता पिता और परिवार के सभी सदस्य ने उत्साहित है।

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