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जिले में कुपोषित बच्चों एवं शिशुवती/गर्भवती माताओं को दिया जा रहा है पौष्टिक आहार

jantaserishta.com
12 May 2022 3:38 AM GMT
जिले में कुपोषित बच्चों एवं शिशुवती/गर्भवती माताओं को दिया जा रहा है पौष्टिक आहार
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बेमेतरा: वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजना अंतर्गत बेमेतरा जिले में वजन त्यौहार 2021 के अनुसार 06 माह से 54 माह तक के 12325 कुपोषित बच्चों को तथा एम.पी.आर. के अनुसार 14772 गर्भवती व शिशुवती माताओं को अतिरिक्त पौष्टिक आहार प्रदाय किया जा रहा हैं। पोषण आहार के रूप में कुपोषित बच्चों को सप्ताह में तीन दिवस अण्डा/केला व सप्ताह में तीन दिवस गुड़, चना तथा इसी प्रकार गर्भवती, शिशुवती माताओं को सप्ताह में तीन दिवस केला एवं सप्ताह में तीन दिवस मुंगफली, मुर्रा, तिल, चना एवं गुड़ से बना पौष्टिक लड्डू प्रदाय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त व्यवहार तथा खान पान में सकारात्मक परिवर्तन के लिए परामर्श सेवायें दी जा रही है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना का प्रमुख उद्देश्य 06 वर्ष आयु तक के बच्चे में कुपोषण एवं 15 से 49 आयु वर्ग की महिलाओं में एनीमिया से मुक्त करना है।

योजना प्रारंभ से मार्च 2022 तक बेमेतरा जिले अंतर्गत लक्षित बच्चों में से 4911 बच्चे कुपोषण से बाहर आ गये है। योजना के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में शासन से प्राप्त निर्देशानुसार कुपोषित बच्चों एवं एनीमिक शिशुवती माताओं को गर्म पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जाना है। इस हेतु 06 माह से 36 माह तक के बच्चों को गर्म पौष्टिक खिचड़ी एवं 06 माह से 06 वर्ष तक के वजन त्यौहार अनुसार 17190 कुपोषित बच्चों को सप्ताह में तीन दिवस अण्डा/केला एवं सप्ताह में तीन दिवस चना एवं गुड़ एवं एनीमिक शिशुवती माताओं को अतिरिक्त पौष्टिक आहार के रूप में गर्म पौष्टिक भोजन माह अप्रैल 2022 से प्रदाय किया जा रहा है।
योजना की मुख्य बात यह है कि योजना का क्रियान्वयन में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति विभागीय एवं जिला स्तर पर उपलब्ध जिला खनिज न्यास निधि से प्राप्त धनराशि से किया जा रहा है। योजना का कियान्वयन जिले की परिस्थिति एवं आवश्यकता अनुरूप योजना का संचालन के लिए जिला स्तर पर कार्य योजना एवं रणनीति तैयार कर क्रियान्वयन किया जा रहा है इस हेतु जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है।

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