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कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने सर्व मांगलिक भवन, निषाद, पाली, मल्लाह समाज के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण

jantaserishta.com
13 March 2022 3:00 AM GMT
कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने सर्व मांगलिक भवन, निषाद, पाली, मल्लाह समाज के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण
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कवर्धा: प्रदेश के वन,परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने आज अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान कवर्धा में सर्व मांगलिक भवन, निषाद, पाली, मल्लाह समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का विधिवत फीता काटकर लोकार्पण किया। कैबिनेट मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने सर्व मांगलिक भवन के प्रतिनिधि, निषाद, पाली, मल्लाह समाज के प्रतिनिधि को सामाजिक भवन की चाबी भेंट की। इस अवसर परइस अवसर पर श्री नीलकंठ चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री होरी साहू, निज सहायक श्री कीर्तन शुक्ला, श्री प्रभाती मरकाम, श्री राजेश शुक्ला, श्री सनत जायसवाल, पाषर्द श्री सुनील साहू, श्री अशोक सिंह, श्री प्रमोद लुनिया, श्री उत्तम गोप, श्री कौशल कौशिक, श्री ईश्वर शरण वैष्णव, श्री लेखा राजपुत, श्री चोवा साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंत्री श्री अकबर ने उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि राज्य शासन द्वारा सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से कमजोर समाज को शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में उठाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। हम आगे भी समाज के हितों के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से कमजोर सामाज को शासन-प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बनाने के लिए विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है।
कवर्धा शहर में लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान निषाद, पाली और मल्लाह समाज समाज के प्रतिनिधियों ने समाज की तरफ से इस भवन की सौगात के लिए मंत्री श्री अकबर का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होने कहा कि इससे पहले हमारे समाज से सामाजिक भवन बनाने की अथक प्रयास किए। जगह-जगह आवेदन दिए, लेकिन बरसो से सामाजिक भवन के लिए भटकते और तरसते रहे। उन्होने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद समाज के मांगों को प्राथमिकता में समाधान कर बड़ी सौगात दी। निषाद, पाली और मल्लाह समाज के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक भवन मिलने से अब समाज के सभी दुख-सुख के आयोजनों में काम आएगा। पहले किराए के भवन लेते थे। पंडाल भी किराया करते थे। इससे समाज को आर्थिक बोझ भी होता था।
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