Yoga: जानिए पांच ऐसे योगासन जिन्हें आप कहीं भी कर सकते हैं

Update: 2025-06-20 01:10 GMT
Yoga: अपनी शारीरिक क्षमता और जरूरत के मुताबिक उपयुक्त योगासन को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं लेकिन समस्या है कि योग का अभ्यास कब करें। वैसे तो सुबह-सुबह योगाभ्यास करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा कुछ योग रात में सोने से पहले भी किए जा सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों के पास योगाभ्यास या वर्कआउट के लिए समय निकालना ही मुश्किल होता है।
ताड़ासन
ताड़ासन का अभ्यास आप कहीं पर भी कर सकते हैं। इसके लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ सिर के ऊपर जोड़ें और पूरे शरीर को खिंचाव दें। ताड़ासन का अभ्यास रीढ़ को सीधी रखने में मदद करता है। इसके अभ्यास से शरीर में संतुलन और मन में स्थिरता आती है। पीठ व कमर दर्द से राहत मिलती है और अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है।
वज्रासन
इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठना होता है और एड़ियों पर शरीर का वजन रखते हुए हाथ घुटनों पर रखकर श्वास पर ध्यान देना रहता है। वज्रासन एक मुद्रा में बैठने का आसन है। इसके नियमित अभ्यास से खाना पचाने में मदद मिलती है और ध्यान के लिए इस आसन को आदर्श माना जाता है।
अर्ध चक्रासन पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में असरदार योग क्रिया है। इसके अभ्यास से थकान दूर हो सकती है। अर्ध चक्रासन का अभ्यास भी कहीं भी किया जा सकता है। इसके अभ्यास के लिए खड़े होकर हाथों को कमर पर रखें और धीरे से पीछे की ओर झुकें।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
प्राणायाम के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। आप अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास घर, दफ्तर या सफर के दौरान भी कर सकते हैं। इसके अभ्यास के लिए बाईं नासिका बंद करके सांस लें। फिर दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस प्रक्रिया को बदलकर दूसरी ओर से भी करें। अनुलोम विलोम प्राणायाम के अभ्यास से मन शांत रहता है। तनाव और चिंता दूर होती है। पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।
इस मुद्रा के अभ्यास के लिए कहीं भी आराम से बैठ जाइए। फिर सिर को क्रमश: दाएं, बाएं, ऊपर और नीचे घुमाएं। इस योग मुद्रा के नियमित अभ्यास से गर्दन का तनाव कम हो सकता है। माइग्रेन और थकान से राहत मिलती है। जो लोग दिनभर डेस्क वर्क करते हैं, उनके लिए यह योग मुद्रा असरदार है।
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