श्रीलंका में आपातकाल बढ़ाने की जरूरत नहीं’ कानून और व्यवस्था मंत्री ने कहा

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मंत्री ने कहा, 'श्रीलंका में आपातकाल image के लिए इमेज परिणामजनता से रिश्ता / वेबडेस्क कोलंबो: कैंडी जिले में सांप्रदायिक दंगों के बाद 10 दिन से जारी राष्ट्रव्यापी आपातकाल की समयावधि श्रीलंका सरकार द्वारा और बढाने की संभावना नहीं है. नए कानून और व्यवस्था मंत्री ने यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में कहीं से भी हिंसा की किसी नई घटना की खबर नहीं है. सरकार ने यह भी कहा कि फेसबुक सहित सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगा प्रतिबंध शुक्रवार को हटा लिया जाएगा.

‘देश की सुरक्षा स्थिति फिलहाल सामान्य’
मंत्री रंजीत मदुमबंडारा ने कहा कि उनका मानना है कि आपातकाल को और आगे बढाने की जरूरत नहीं है. ‘ डेली मिरर’ के हवाले से मंत्री ने कहा, ‘‘ मैंने आज सुबह देश में वर्तमान सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से चर्चा की थी.’’  उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा नजरिया है कि देश की सुरक्षा स्थिति फिलहाल सामान्य है और इसलिए गुरुवार (15 मार्च) को समाप्त होने जा रहे आपातकाल की समयावधि बढ़ाना जरूरी नहीं होगा.’’ मंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस के साथ फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर अस्थायी पाबंदी हटाने की संभावना पर चर्चा की.

कैंडी जिले में भड़की थी हिंसा
बौद्ध सिंहली समुदाय के एक व्यक्ति की मौत के बाद कैंडी जिले में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी जिसमें दो लोग मारे गये थे जबकि कई घरों, प्रतिष्ठानों और मस्जिदों को नुकसान पहुंचा था. राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने कैंडी में सांप्रदायिक हिंसा की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित किया है.

उन्होंने छह मार्च को देशभर में आपातकाल घोषित किया था और हिंसा को बढने से रोकने के लिए पुलिस तथा सेना को तैनात किया था. दंगा प्रभावित कैंडी के अन्य क्षेत्रों में बहुसंख्यक सिंहलियों और अल्पसंख्यक मुस्लिमों के बीच झड़पें हुई थीं.