शलभासन ब्लड सर्कुलेशन से लेकर गर्भाशय की हर समस्या को दूर करता है

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क :    स्वस्थ रहने के लिए लोग जिम, जॉगिंग ना जाने क्या-क्या करते हैं। मगर ज्यादा फायदा नहीं होता है। कुछ लोग तो फिट दिखने के लिए खाना तक छोड़ देते हैं। पर बिना कुछ खाए-पीए रहना से शरीर पर गलत असर पड़ता है। एेसे में रोजाना सुबह-शाम आसन करना चाहिए। रोजाना सिर्फ शलभासन करने से कई फायदे होते हैं। हर दिन कम से कम 10 मिनट के लिए शलभासन करें। इसको करने से आप हर जगह पर फिट नजर आएंगे। आज हम आपको शलभासन करने की विधि और इसके फायदे बताएंगे।

पेट के बाल लेट जायें। दोनो पैर एक साथ रखें, और दोनो पंजे भी। पैरों के तलवे उपर की ओर रखें। हाथों को जांघों के नीचे दबा लें, हथेलियां खुली और नीचे के ओर रखें। ठोड़ी को थोड़ा आगे लायें और जमीन पर टीका लें। आसन के पूरे अभ्यास में थोड़ी ठोड़ी को नीचे ही लगा कर रखें।आखें बंद कर लें और शरीर को ढीला छोड़ने करने की कोशिश करें। यह आरंभिक स्थिति है। अब धीरे-धीरे टांगों को जितना ऊंचा हो उतना ऊंचा उठाने की कोशिश करें। टांगों को सीधा और साथ रखें। टांगों को ऊपर उठना आसान बनाने के लिए दोनो हाथों से जमीन पर दबाव डालें, और पीठ के निचले हिस्से की मासपेशियों को संकुचित कर लें। पैर जब और ऊपर ना उठाए जा सकें, वह आपकी अंतिम स्थिति है। बिना किसी तनाव के इस मुद्रा में 30-60 सेकेंड या कम देर (अपनी क्षमता के अनुसार) के लिए रुकें। आसान से बाहर आने के लिए धीरे से पैरों को जमीन पर ले आयें।

शलभासन के फायदे
1. शलभासन करने से कमर लचीली बनने के साथ ही छाटी चोड़ी होती है।
2. ब्लड सर्कुलेशन ठीक से होता है।
3. शलभासन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और मानसिक निराशा दूर करता है।
4. डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हैं।
5. गर्भाशय संबंधी परेशानी को दूर करता है।
6. जिन लोगों के मुंह से बात करते समय थूक आता है। उनको यह आसन जरूर करना चाहिए।
7. पेट की समस्याओं से राहत पाने दिलाता है शलभासन आसन।