बिना माता-पिता के भी इंसान की उत्पत्ति की जा सकेगी

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 जनता से रिश्ता / वेबडेस्क हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी तकनीक की खोज की है, जिसकी मदद से वह इंसान के एक नए रूप का विकास कर पाएंगे, और वो भी बिना माता-पिता के। जी हां, यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन यह सच है कि शोधकर्ता इंसान के नए अवतार को विकसित करने में कुछ हद तक कामयाब हो गए हैं।खास बात यह है कि ऐसे इंसानों को बनाने के लिए माता-पिता की ज़रूरत भी नहीं होगी। यानी सिर्फ स्क्रैच बुक पर इंसान का नक्शा खींचो और वह इंसान बनकर तैयार हो जाएगा। इस तरह के इंसान में वो सारी खूबियां पाई जाएगी, जो हम चाहेंगे। इस तरह के अनुसंधान पर हांलाकि कई तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं, लेकिन फिर भी शोधकर्ता निरंतर इसकी कामयाबी में दिन रात जुटे हुए हैं।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्कूल में इस शोध को लेकर एक गुप्त बैठक भी आयोजित की गई है। इस गुप्त बैठक में वैज्ञानिकों ने स्क्रैच मैन के बारे में चर्चा की, और आगामी परियोजनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस विषय पर हॉलीवुड में ब्लेड रनर नामक फिल्म भी बन चुकी हैं।हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुई इस गुप्त बैठक में 130 वैज्ञानिक उपस्थित थे। इनके साथ ही कई तरह के बड़े कारोबारी भी मौजूद थे। इस बैठक में कृत्रिम इंसानों को बनाने पर चर्चा की गई। इस तरह के विशिष्ट इंसानों में सभी गुण मौजूद होंगे। इतनी ही नहीं इस तरह के कृत्रिम मानव बीमारियों से भी मुक्त होंगे। इस मीटिंग को ‘एचजीपी-राइट टेस्टिंग लार्ज सिंथेटिक जीनोम्स इन सेल्स’ नाम दिया गया। एचजीपी का फुल फॉर्म ह्यूमन जीनोम प्रॉजेक्ट है। खबरों की मानें तो इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है।