काफी समय से रखा हुआ खून मरीजों के लिये नुकसानदायक साबित हो सकता है

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 जनता से रिश्ता / वेबडेस्क आम तौर पर किसी भी मरीज को अस्पताल में खून की ज़रूरत होने पर ब्लड बैंक में मौजूद रक्त का प्रयोग किया जाता है। हालांकि कई बार मरीज के परिजन भी रक्तदान करके अपना फर्ज अदा करते हैं। लेकिन कई मामलों में यह पाया गया है कि काफी लंबे समय से रखा गया खून किसी रोग विशेष से पीड़ित व्यक्ति के लिये नुकसानदायक साबित हो सकता है।जी हां, हाल ही में किए गए एक शोध से यह पता चलता है कि लंबे समय से रखा गया रक्त आघात के शिकार मरीजों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। साथ ही इस तरह का खून हादसों में घायल उन व्यक्तियों के लिए भी काफी घातक सिद्ध हो सकता है, जिनके शरीर से काफी मात्रा में रक्त बह चुका होता है। वैज्ञानिकों के एक समूह ने इसकी जानकारी दी, जिसमें एक भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी हैं।

गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिये इस तरह का पुराना खून कई तरह की गंभीरताओं को जन्म दे सकता हैं। ज्यादातर हादसों में शरीर से बहुत खून बह जाता है, जिसके लिए आनन फानन में लंबे समय से रखे हुए पुराने खून का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के पुराने खून से रक्त के संचार में शिथिलता आती है। साथ ही कुछ अंगों में सूजन बढ़ जाती है। कई मामलों में फेफड़ों के संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने मरीजों के शरीर में चढ़ाए गए पुराने खून और निमोनिया के जीवाणुओं में बीच एक संबंध खोज लिया है।

अध्ययन के अनुसार ताजा खून की तुलना में पुराना संरक्षित किया गया खून इस्तेमाल करने से फेफड़ों का संक्रमण काफी बढ़ जाता है, साथ ही जीवाणुओं की संख्या में बहुत वृद्धि होने लगती हैं। शोधकर्ताओं की माने तो फेफड़ों में अत्यधिक मात्रा में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिसके कारण मरीज के शरीर में जीवाणुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस अनुसंधान के नतीजे स्वास्थ्य पत्रिका पीएलओएस मेडिसीन में प्रकाशित हुए हैं।