कानपुर: व्यापारियों ने करीब 400 करोड़ रुपए का फर्जी बिल बनाकर 60 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- कानपुर: GST इंटेलिजेंस को मिली खुफिया जानकारी के बाद कानपुर में व्यापारी मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तयाल के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई. छापेमारी के बाद पता चला कि दोनों व्यापारियों ने फर्जी बिल के जरिए सरकार को करीब 60 करोड़ का चूना लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक GST लागू होने के एक साल के भीतर दोनों व्यापारियों ने मिलकर करीब 400 करोड़ रुपए का फर्जी बिल बनाकर 60 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की है. दोनों व्यापारी अलग-अलग फर्म के जरिए फर्जी बिल बनाते थे और माल की सप्लाई करते थे.डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) के लखनऊ यूनिट को इसके बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. छापेमारी के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से GST की चोरी कर रहे थे. सीमेंट, बिटुमेन, कच्चे चमड़े, प्लास्टिक के दाने, बीओपीपी फिल्मों और धातुओं की आपूर्ति के लिए फर्जी बिल जारी किए जा रहे थे. अपने ग्राहकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ देने के लिए फर्जी बिल जारी किए जा रहे थे.दोनों व्यापारी इतने शातिर हैं कि पिछले एक साल के दौरान 400 करोड़ रुपए का फर्जी चालान जारी किया गया. GST रिटर्न में ITC के माध्यम से उस भुगतान को दिखाया जो कभी किया ही नहीं गया था.इसके लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बनाया गया. ट्रांसपोर्ट मालिकों के साथ मिलकर माल ढुलाई के लिए गलत तारीख में फर्जी ई-वे बिल बनाया गया. माल ढुलाई के बदले ट्रांसपोर्ट मालिकों को RTGS के जरिए पेमेंट किया जाता था. बाद में वह अपना कमीशन लेकर कैश में रिटर्न कर देता था.इतनी बड़ी कार्रवाई को DGGI के एडिशनल डायरेक्टर जनरल श्री राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने अंजाम दिया. उस टीम में DGGI के डिप्टी डायरेक्टर कमलेश कुमार, SIO पीएम त्रिपाठी, SIO ब्रजेश त्रिपाठी, IO उपदेश सिंह समेत लखनऊ जोनल यूनिट के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे.